तेरे दिल से ,मेरे दिल का रिश्ता क्या । तू मिलती, ना मैं मिलता, फ़िर मिलता क्या ॥ सोंच रहा ,क्यूँ तेरा ऐसे नाम लिया , याद है अब भी भूलता फ़िर तो भूलता क्या ॥ वो फलक जो दूर तलक जा मिलता है , जाता मैं तो व
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